उच्च गुणवत्ता वाला घरेलू भ्रूण डिटेक्टर, पोर्टेबल प्लास्टिक भ्रूण डिटेक्टर, अल्ट्रासोनिक भ्रूण मॉनिटर, भ्रूण डॉपलर अल्ट्रासाउंड, प्रसवपूर्व हृदय गति डिटेक्टर
संक्षिप्त वर्णन:
यह भ्रूण की हृदय गति को मापने वाला यंत्र है जो डॉप्लर प्रभाव का उपयोग करता है। जानिए कैसे काम करता है:
### का उपयोग कैसे करें 1. **तैयारी**: उपयोग से पहले, अल्ट्रासोनिक चालन प्रभाव को बढ़ाने के लिए टायर अटैचमेंट प्रोब की सतह पर कपलिंग एजेंट लगाएं। जांच लें कि डिवाइस पूरी तरह से चार्ज है या नहीं। 2. **भ्रूण के हृदय की स्थिति का पता लगाएं**: गर्भावस्था के लगभग 16-20 सप्ताह में, भ्रूण का हृदय आमतौर पर नाभि के नीचे मध्य रेखा के पास होता है; गर्भावस्था के 20 सप्ताह के बाद, भ्रूण की स्थिति के अनुसार इसका पता लगाया जा सकता है। सिर की स्थिति में भ्रूण नाभि के नीचे दोनों ओर होता है, और नितंबों के बल होने पर भ्रूण नाभि के ऊपर दोनों ओर होता है। गर्भवती महिलाएं पीठ के बल लेट जाती हैं, पेट को ढीला छोड़ देती हैं, और धीरे-धीरे हाथ में पकड़ी जाने वाली जांच उपकरण को संबंधित क्षेत्र में घुमाकर जांच करती हैं। 3. **मापन रिकॉर्ड**: जब आपको ट्रेन के चलने जैसी नियमित "प्लॉप" ध्वनि सुनाई दे, तो यह भ्रूण के हृदय की ध्वनि है। इस समय, स्क्रीन पर भ्रूण की हृदय गति का मान प्रदर्शित होगा और परिणाम रिकॉर्ड हो जाएगा।
### देखभाल बिंदु 1. **सफाई**: उपयोग के बाद प्रोब और बॉडी को एक मुलायम सूखे कपड़े से पोंछकर सतह को साफ रखें। यदि दाग-धब्बे हों, तो डिवाइस को थोड़े से साफ पानी से पोंछ लें। डिवाइस को पानी में न डुबोएं। 2. भंडारण: इसे शुष्क, ठंडी और संक्षारक गैस रहित जगह पर रखें, सीधी धूप और उच्च तापमान से बचाएं। लंबे समय तक उपयोग न करने पर बैटरी को निकाल दें। 3. ** आवधिक निरीक्षण ** : सामान्य उपयोग सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर जांचें कि उपकरण की बाहरी बनावट क्षतिग्रस्त तो नहीं है और केबल क्षतिग्रस्त तो नहीं है।
### लोगों और मंचों के लिए उपयुक्त - **लागू आबादी**: मुख्य रूप से गर्भवती महिलाओं पर लागू होता है, विशेष रूप से उन महिलाओं पर जिनका गर्भावस्था का इतिहास प्रतिकूल रहा हो, जो गर्भावस्था संबंधी जटिलताओं (जैसे गर्भकालीन मधुमेह, गर्भकालीन उच्च रक्तचाप आदि) से पीड़ित हों या भ्रूण के स्वास्थ्य की स्थिति को लेकर मनोवैज्ञानिक रूप से चिंतित हों और किसी भी समय भ्रूण की हृदय गति जानना चाहती हों। - **उपयोग का चरण**: आमतौर पर गर्भावस्था के लगभग 12वें सप्ताह से इसका उपयोग शुरू किया जा सकता है। जैसे-जैसे गर्भावस्था के सप्ताह बढ़ते हैं, भ्रूण की हृदय गति की निगरानी करना आसान हो जाता है। इसका उपयोग गर्भावस्था के दौरान भ्रूण की हृदय गति की निगरानी के लिए किया जा सकता है, लेकिन तीसरी तिमाही (28 सप्ताह के बाद) गर्भ में भ्रूण की सुरक्षा को समझने में अधिक महत्वपूर्ण होती है।